
रीडर्स चॉइस अवार्ड्स 2020 के अनुसार भारत घूमने किए लिए 20 सबसे लोकप्रिय देशों की लिस्ट में शामिल है। इसके अलावा भारत पैसा वसूल देशों की लिस्ट में 34 पोजीशन पर रैंक करता है। है न आश्चर्यजनक।
लेकिन हमारे पास कुछ और भी है बताने के लिए। भारत के पास पर्यटकों को लुभाने के लिए बहुत कुछ है जो पलभर में आपका मन मोह लेती हैं। काफी सारी जगहें अपनी विदेशी जुड़वाँ जगहों से भी बढ़कर हैं।
अब विदेशी जगहों पर फोटो खिचवाने के लिए महंगे हवाई जहाज टिकट, महंगे होटल, वीजा के झंझट में पड़ने की कोई ज़रूरत नहीं।
आइये चलते है इन्ही 6 सबसे बेहतरीन भारतीय जगहों के सफर पर जो किसी भी विदेशी जगह से सुन्दर लगती है।
विदेशी जगह: स्विट्जरलैंड, यूरोप
भारतीय विकल्प: खज्जियार, हिमाचल प्रदेश

रोमांस के लिए सफ़ेद बर्फ की चादर से ढकी स्विट्जरलैंड की वादियों से बेहतर जगह और नहीं हो सकती? ठहरिये, इसका जवाब है हिमाचल प्रदेश के चम्बा में स्थित खज्जियार। यह जगह किसी भी यूरोपीय देश के समान रूप से लुभावनी है। इस जगह की हसीन वादियाँ स्विट्जरलैंड से काफी मिलती जुलती है और यहाँ पर्यटकों को लुभाने के लिए सब कुछ है।

खज्जियार को मिनी स्विट्जरलैंड क्यों कहा जाता है:
सफ़ेद बर्फ की चादर से ढकी हिमालय की चोटियां, प्राचीन झीलेँ और वन्य जीव जंतुओं और पेड़ों की विविधताओं से भरे खज्जियार के लुभावने दृश्य इस को विशेष बनाते हैं । एक बार जब आप खज्जियार में होते हैं तो आपको स्विट्जरलैंड की याद नहीं आती। यदि आप भारत में स्विट्जरलैंड जैसी जगहों का पता लगाना चाहते हैं तो खज्जियार से बेहतरीन जगह आपको नहीं मिलेगी।
यात्रा करने का सबसे अच्छा समय: बर्फ से ढंके हुए शहर को निहारने के लिए अक्टूबर से मार्च का समय खज्जियार जाने का सबसे अच्छा समय है।
खज्जियार कैसे जाएं: खज्जियार के लिए निकटतम हवाई अड्डा डलहौजी में है, जो लगभग 120 किमी दूर है। बसें और टैक्सी आसपास के स्थानों के साथ खज्जियार को जोड़ती हैं।
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खज्जियार में क्या-क्या कर सकते है:
- कलातोप वन्यजीव अभयारण्य में प्रकृति की सैर और पैदल यात्रा का आनंद लें।
- अपने दिलो दिमाग को खज्जियार झील में खो जाने दें और स्विट्जरलैंड जैसा अनुभव प्राप्त करें।
- कैलाश गांव में स्थित सेब के बागों में सैर का आनंद ले।
- बर्फ से ढकी चोटियों को देखने के लिए धौलाधार रेंज तक ट्रेक करें।
- तिब्बती हस्तशिल्प केंद्र में स्थानीय रूप से तैयार किए गए कालीनों और छोटे trinkets की खरीदारी करें।
विदेशी जगह: वेनिस , इटली
भारतीय विकल्प: अल्लेप्पी, केरल

जब हम विदेशी जगहों से मिलती जुलती भारतीय जगहों के बारे में बात करते है तो केरल में स्थित अल्लेप्पी का जिक्र करना लाजमी है | इंडिया के वाइसराय लार्ड कर्जन(1898–1905) ने अल्लेप्पी को यहाँ की प्राकर्तिक सुंदरता और नहरों के जाल से अभिभूत होकर “वेनिस ऑफ़ ईस्ट” के नाम से पुकारा था। किसी भी प्रेमी युगल के लिए पानी के ऊपर बने शहर वेनिस में परंपरागत शैली में बनी हुई नाव में बैठकर सुरम्य नहरों का आनंद लेना किसी सपने से कम नहीं है। वेनिस हर साल दुनिया भर से लाखों पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करता है। अगर आप भारत में वेनिस जैसा आनंद लेना चाहते है तो घूमने निकल जाये अल्लेप्पी में। अगर आप अपने प्रिय साथी के साथ कुछ शांति के निजी पल साथ गुजारने चाहते है तो खो जाएये अल्लेप्पी की शांत नहरों और लैगून की प्राकृतिक सुंदरता में। एक शानदार 5 सितारा होटल की सभी सुविधाओं से लैस हाउसबोट पर बैठ कर केरल के स्वादिष्ट समुद्री भोजन और पाम के पेड़ों के बीच से गुजरते हुए मछली पकड़ने का लुत्फ़ एक यादगार अनुभव होता हैं, जिसे प्राप्त करने के लिए हज़ारो सैलानी हर साल अल्लेप्पी घूमने चले आते है। यहाँ के समुद्रतट, झीलें और हाउसबोट विश्व प्रसिद्ध है। यहाँ का व्यापक नहरों का जाल हूबहू वेनिस जैसा है। काफी काम कीमत पर आप यहाँ की हरियाली से भरपूर तटों और ग्रामीण केरल के सुन्दर नज़ारो का आनंद ले सकते हैं।

अलेप्पी जाने का सबसे अच्छा समय: जून से लेकर अक्टूबर (मानसून) के समय को छोड़कर आप पूरे साल केरल जा सकते है।
अलेप्पी कैसे जाये: सबसे नजदीकी कोच्ची इंटरनेशनल एयरपोर्ट करीब 75 किलोमीटर दूर है। रेल और रोड से भी अलेप्पी आसानी से पहुंचा जा सकता है।
अलेप्पी के मुख्य आकर्षण:
- परंपरागत हाउसबोट में बैठकर केरल के प्राकर्तिक सुंदरता का आनंद ले।
- केरल के इतिहास और संस्कृति के बारे में जानने के लिए कृष्णापुरम महल जरूर जाएं।
- औषधीय पौधों के तेल से स्पा के आनंद के साथ अपने शरीर और आत्मा को फिर से जीवंत करें।
- फ्लोटिंग त्रिवेणी में उच्च गुणवत्ता वाले मसालों, लोकल हैंडीक्राफ्ट और कलाकृतियों को खरीदें।
- मरारी बीच पर अपने साथी के साथ कुछ निजी पल बिताने के बाद मसालेदार समुद्री भोजन की दावत का लुत्फ़ उठाएं।
विदेशी जगह: फ्रांस, यूरोप
भारतीय विकल्प: पांडिचेरी (पुडुचेरी)

इस बात में कोई संदेह नहीं है कि फ्रांस एक प्रसिद्ध जगह है जो दुनिया भर के सैलानियों में काफी लोकप्रिय है। लेकिन यही लोकप्रियता इसको काफी भीड़ भाड़ वाली जगह बना देती है। अगर आप घूमने के लिए एक शांत जगह की खोज कर रहे है वो भी लगभग फ्रांस जैसी तो पांडिचेरी आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। बहुत काम लोग जानते है कि पांडिचेरी को फॉरएवर फ्रांस भी कहा जाता है। दक्षिण भारत में तमिलनाडु के पास स्थित पांडिचेरी एक केंद्र शासित प्रदेश है 1954 तक यह फ्रांस का उपनिवेश था इसलिए यहाँ फ्रांस की झलक आपको हर जगह मिल जाएगी चाहे वो खाना हो संस्कृति हो वास्तु-कला हो या लोगों का रहन सहन। यदि आप फ्रांस जाए बिना फ्रांस की यात्रा करना चाहते हैं, तो पांडिचेरी आपके लिए सबसे उत्तम जगह है।

पॉन्डिचेरी फ्रांस की तरह न ही भीड़ भाड़ वाला स्थान है और न ही यह महंगा है। भारत के इस फ्रांसीसी शहर को घूमने से आपकी जेब भी हलकी नहीं होगी। इसके अलावा अगर आप अपने फ्रेंच भाषा जानते है और पॉलिश करना चाहते है तो यहाँ कर सकते हैं क्योंकि पांडिचेरी में कई लोग फ्रेंच, अंग्रेजी, तमिल बोलते हैं।
यात्रा करने का सबसे अच्छा समय: नवंबर से लेकर मार्च तक वाटर स्पोर्ट्स और समुंदर तटों का आनंद लेने का सर्वोत्तम समय है।
कैसे पहुंचे पुडुचेरी: पॉन्डिचेरी के सबसे नजदीकी हवाई अड्डा चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। हवाई अड्डे से स्थानीय टैक्सी और बसों के द्वारा पॉन्डिचेरी आसानी से पहुंचा जा सकता है।
विदेशी स्थान: अलास्का, अमेरिका
भारतीय विकल्प: औली, उत्तराखंड

अलास्का अपनी लुभावनी बर्फ से ढकी चोटियों और रोमांचक सर्दियों के एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए जाना जाता है। लेकिन इन दिनों अलास्का में पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण और काफी खर्चीले टूर के कारण औली एक काफी अच्छा एक भारतीय विकल्प हैं। औली गढ़वाल हिमालय की तलहटी में बसा लुभावनी हिल स्टेशन है जो कि अलास्का की तरह ही सर्दियों का रोमांच प्रदान करने के लिए जाना जाता है। समुद्र तल से 2,500 से 3,050 मीटर की ऊंचाई पर स्थित होने की वजह से यहाँ की बर्फ से ढकी पहाड़ियाँ अलास्का जैसी ही है जहां पारा स्तर 1 ° सेल्सियस से भी नीचे चला जाता है और विंटर स्पोर्ट्स के लिए एक अनुकूल वातावरण प्रदान करती है। यदि आप कम बजट में विंटर एडवेंचर स्पोर्ट्स का मजा लेना चाहते है तो सर्दियों में औली जाने की योजना जरूर बनाएं। औली एक शीतकालीन रिट्रीट है जहां बर्फ से ढके इलाके और यहाँ की प्राकर्तिक सुंदरता आपका मन मोह लेंगे।

औली को भारत का अलास्का क्यों कहा जाता है?
आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि औली में पर्वत की चोटियों की ऊंचाई अलास्का की तुलना में अधिक हैं। उत्तराखंड का यह हिल स्टेशन साल भर बर्फ की चादर से ढका रहता है। अलास्का की तरह, आप औली की पहाड़ियों में बर्फ के जानवरों को देख सकते हैं। इसके अलावा, अलास्का की तुलना में स्कीइंग की कीमत बहुत सस्ती है। तो जब भारत में औली हैं तो अलास्का की यात्रा क्यों करें?
औली घूमने का सबसे अच्छा समय: अगर आपको बर्फ पसंद है तो औली जाने के लिए नवंबर से मार्च आदर्श समय है। हालाँकि, आप यहाँ साल भर आ सकते है।
औली कैसे पहुंचे: देहरादून में जॉली ग्रांट हवाई अड्डा, औली तक पहुंचने के लिए निकटतम हवाई अड्डा है, जो कि लगभग 220 किमी दूर है। औली पहुँचने के लिए वहाँ से टैक्सी / बस सेवा उपलब्ध है। निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश में है लगभग 230 किमी दूर। औली तक पहुंचने के लिए दोनों उड़ानें और ट्रेनें प्रमुख भारतीय शहरों से उपलब्ध हैं।
औली में क्या करे:
- खूबसूरत बर्फ से ढके ऊँचे ढलानों में स्कीइंग का मजा लें।
- औली झील में अपने प्रिय के साथ आराम करें और डूबते हुए सूर्यास्त को देखें।
- कुआरी दर्रे के ट्रेक पर बर्फ से ढंके पहाड़ों पर चढ़ाई करें।
- सफ़ेद चादर से ढके पहाड़ो पर कैंपिंग करे और पहाड़ों के बीच उगते हुए सूरज के मनमोहक नजारों का आनंद लें।
- यूनेस्को से सम्मानित नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान घूमने जाएँ और दुर्लभ स्थानीय वनस्पतियों और जीवों को देखें।
विदेशी गंतव्य: लेक डिस्ट्रिक्ट, इंग्लैंड
भारतीय विकल्प: नैनीताल, उत्तराखंड

भारत में कई ऐसे स्थान हैं जो अपने अंतरराष्ट्रीय समकक्षों से बेहतर हैं और नैनीताल को देखकर निश्चित रूप से यही लगता है ! जब हम झीलों वाले शहर के बाते में बात करते है तो लेक डिस्ट्रिक्ट, इंग्लैंड का जिक्र जरूर होगा। यह कलात्मक परिदृश्य और बेशुमार एडवेंचर गतिविधियों का खजाना है। पर्यटकों में काफी लोकप्रिय होने की वजह से यह जगह काफी भीड़ भरी है। भारत में नैनीताल इसका सबसे अच्छा विकल्प है व इसके समान रूप से सुंदर परिदृश्य के लिए मशहूर है। लेक डिस्ट्रिक्ट, इंग्लैंड की तुलना में नैनीताल कहीं अधिक आपके बजट के अनुकूल है। निश्चित रूप से, यह भारतीय स्थलों में से एक है जो विदेशी स्थानों की सुंदरता को पार करता है।

नैनीताल और लेक डिस्ट्रिक्ट, इंग्लैंड में क्या समानता है?
मशहूर लेख़क रस्किन बॉन्ड का ज्यादातर लेखन देहरादून और हिमालय के चारों ओर घूमता है क्योंकि उन्होंने अपने जीवन के 30 साल वहाँ बिताए थे। नैनीताल की नैनी झील और भीमताल देखने के बाद रस्किन ने अपनी कविताओं में जो वर्णन किया है, उसके समान ही आपको अनुभव होगा। इसके अलावा, आपको हज़ारों मील की यात्रा करने और अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई खर्च करने की क्या आवश्यकता जब आपके पास में ही एक मनमोहक सुंदरता से भरपूर स्थान हैं। हरियाली से भरे और बर्फ से ढके परिवेश के बीच एक ऐसी जगह पर रहें जो परियों की कहानियाँ में ही सुनने को मिलते हैं।
घूमने का सबसे अच्छा समय: गर्मियों की झुलसाती गर्मी से बचने के लिए, मार्च से जून के बीच (16°C – 23°C) जाएँ। हालांकि अक्टूबर से फरवरी वे महीने हैं जब आप नैनीताल में बर्फबारी का आनंद ले सकते है (तापमान -5 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है)।
वहां कैसे जाएं: नैनीताल से निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर (लगभग 70 किमी) है और निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम (लगभग 35 किमी) है। हवाई अड्डे या रेलवे स्टेशन से नैनीताल पहुंचने के लिए एक साझा / निजी टैक्सी किराए पर ली जा सकती है।
नैनीताल में क्या कुछ कर सकते है:
- भूल जायें सभी परेशानियों को और नैनी झील में एक शांतिपूर्ण नौका विहार का आनंद लें।
- टिफिन टॉप से हिमालयन रेंज को निहारें और सूर्यास्त को देखें।
- तिब्बती बाजार में हस्तशिल्प कलाकृतियों की खरीदारी का मजा लें।
- हनुमान गढ़ी मंदिर की दिव्यता से अभिभूत हो जाएं।
- सुंदर वातावरण को आसमान से अनुभव करने लिए रोपवे की सवारी पर पक्षी की तरह उड़ें।
विदेशी स्थान: मालदीव
भारतीय विकल्प: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

क्रिस्टल क्लियर पानी और सफ़ेद रेत के मनोहर दृश्यों से भरे समुद्र तटों के बारे में सोचें और मालदीव अपने स्वत: ही आपके दिमाग में आ जायेगा। और आए भी क्यों नहीं समुद्र तट के आगे निकलकर फ़िरोज़ा नीले पानी में बने रिसॉर्ट्स विलासिता की सीमा पार करते हुए ऐसे प्रतीत होते है जैसे कि आप सवर्ग में आ गए हैं। यदि आपके लिए बजट कोई परेशानी नहीं हैं तो मालदीव की यात्रा करना एक ऐसा अनुभव है जो जिंदगी में कम से कम एक बार तो जरूर करने लायक है। लेकिन अगर आप कम पैसों में मालदीव जैसा एहसास लेना चाहते है या आप पहले से मालदीव घूम चुके है और अब भी आपको वहां के सुन्दर नज़ारे याद आ रहे है और दुबारा मालदीव जाने का मन कर रहा है तो जरा ठहरिये आप मालदीव जैसा अनुभव भारत में ही महसूस कर सकते है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह समान रूप से प्राकर्तिक सुंदरता से भरे है और कम बजट में आपको मालदीव जैसा ही एहसास दिलाते है। यहाँ 5०० से ज्यादा द्वीप है और लगभग 3० पर लोग बसे हुए है। शानदार समुद्र तट, रोमांचकारी झरने और शानदार रिसॉर्ट अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ आकर्षण हैं। संक्षेप में, अंडमान मालदीव की प्रतिकृति है।

अंडमान को भारत का अपना मालदीव क्यों कहा जाता है?
चाहे वह स्नोर्केलिंग हो या स्कूबा डाइविंग या फिर फ़िरोज़ा नीले पानी वाले समुद्र तटों की रेत में नंगे पाँव घूमना, अंडमान के द्वीपों आप वो सबकुछ कर सकते है जो मालदीव में है। इसके विभिन्न तटों पर सफेद चमकती रेत देखी जा सकती है। यहाँ आप अपने प्रिये के साथ निजी द्वीप बीच रिसॉर्ट पर एक रोमांटिक सैर पर जा सकते हैं। इसके अलावा, अंडमान में घूमना मालदीव की तुलना में बेहद सस्ता है। तटों पर बिखरे मोती की तरह शंख और सीप आप सीमा शुल्क के कारण मालदीव से अपने साथ नहीं ला सकते हैं लेकिन अंडमान द्वीप समूह से ला सकते हैं?
घूमने का सबसे अच्छा समय: जुलाई से सितंबर (आर्द्रता और बारिश के कारण) को छोड़कर, अंडमान द्वीप एक पूरे वर्ष का गंतव्य है।
वहां कैसे पहुंचे: पोर्ट ब्लेयर अंडमान की राजधानी है जहां वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा स्थित है। यह प्रमुख भारतीय शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। हवाई अड्डे से अंडमान पहुंचने के लिए एक नाव की सवारी करने की आवश्यकता होती है।
[ अंडमान के पॉपुलर टूर पैकेजों पर एक नज़र डालें ]
अंडमान में यह सब जरूर करें:
- ब्रिटिश राज के समय की सेलुलर जेल में एक ध्वनि और प्रकाश शो देखने का आनंददायक अनुभव।
- समुद्र तट पर रोमांटिक समुद्र तट की सैर करें और अपने प्रिय के साथ सूर्यास्त का आनंद लें।
- स्नोर्कलिंग का मजा ले और हैवलॉक द्वीप समुद्र तटों पर मूंगा-चट्टान व समुद्री जीवन से रूबरू होने का अनुभव प्राप्त करें।
- शहर की भीड़भाड़ से दूर अपने समुद्र तट रिसॉर्ट में रिचार्ज होकर अपने सभी तनाव दूर करें।
- हैवलॉक द्वीप समुद्र तटों पर सूर्यास्त के बाद अपने पैरों के नीचे तैरते हुए चमकते हुए प्राकर्तिक सितारों को देखें।
तो इंतजार कैसा? निकल पड़िये बहुत ही कम बजट के साथ अपने देश में ही अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्राप्त करने के लिए। भारत में हज़ारों ऐसे स्थान है जो अभी तक छिपे खजाने की तरह है। अतुल्य भारत का नारा बुलंद करें और भारत में ही विदेशी स्थानों पर जाने का अनुभव प्राप्त करें। यह एक अंतरराष्ट्रीय यात्रा की तरह है और वह भी बिना वीजा के! अब अपना बैग पैक करें अपनी पसंदीदा पुस्तक व कैमरा के साथ और अपने अगले पसंदीदा स्थान पर जाएं!
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