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Pahado ki Rani Mussoorie



🌄पहाड़ों की रानी - मसूरी😲



हम बात कर रहे हैं पहाड़ों की रानी मसूरी की। दिल्ली से लगभग 250 किलोमीटर दूर स्थित मसूरी, दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है। कारण यह है कि यह जगह सप्ताहांत के लिए सुलभ होने जा रही है।

समुद्र तट से सात हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित मसूरी शहर कई मायनों में अनूठा है। यह किसी भी समय बारिश का मौसम बन जाता है। एक तरफ मसूरी और दूसरी तरफ यमुना नदी से गंगा दिखाई देती है। मसूरी शहर 1822 से बसना शुरू हुआ और आज तक आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।





जब भी मिल just Chill,

खाएँगे पीयेंगे भरेंगे Bill,

घूमेंगे फिरेंगे जायेंगे Hill

Mussoorie की वादियों में मिलेंगे Dil.....




मसूरी आने वालों के लिए ठहरने की कोई समस्या नहीं है। होटल और गेस्ट हाउस यहाँ हर कदम पर स्थित हैं। आवास बजट और लोगों की पसंद के अनुसार उपलब्ध है। इसलिए अगर आप गर्मियों की छुट्टियों में मसूरी जाने की योजना बना रहे हैं, तो अभी से तैयारी शुरू कर दें।


मंजिलों से कह दो आ रहा हु मैं 

 थोड़ा सा सबर करो अभी सफर पर हु मैं


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🙋जानिए कई और रोचक बातें 😮


#2 मसूरी देहरादून से 32 किमी की दूरी पर उत्तर भारत के उत्तर-पश्चिमी उत्तरांचल राज्य में स्थित है। मसूरी 2,112 मीटर की ऊँचाई पर हिमालय की तलहटी में एक मनोरोगी पर्वत क्षेत्र के मध्य में स्थित है।


#2 कहते हैं क‌ि मसूरी को 1800 सदी में ब्रिट‌िश म‌िल‌िट्री अध‌िकारी ने अपने एक साथी के साथ खोजा था। उन्ळोंने इसे छुट्टी ब‌ि‌ताने के ल‌िए माकूल जगह समझा और डेरा जमा ल‌िया। इसके बाद उन्होंने देखा क‌ि यहां पर मसूर के पेड़ बहुतायत में म‌िलता है। इसके बाद उन्होंने ही यहां का नाम मसूरी सर द‌िया। 

#3 मसूरी में घूमने के ल‌िए कई सुंदर जगह हैं। ट्रेक‌िंग के शौकीनों के ‌ल‌िए भी परफेक्ट जगह है यहां का सबसे सटीक प्वाइंट है गन ह‌िल।  कहा जाता है क‌ि क‌ि आजादी से पहले इस पहाड़ी के ऊपर रखी तोप से रोजाना दोपहर के वक्‍त गोली चलाई जाती थी। ज‌िससे लोग अपनी घड़‌ियां म‌िलाते थे। इसके कारण ही इसका नाम गनह‌िल पड़ा। 

#4 यहां कुलरी बाजार से शुरु होने वाली यह रोड लाइब्रेरी बाजार पर जाकर खत्म होती है। यह जगह सूर्यास्त का दृश्य देखने के ल‌िए फेमस है। यहां से एक पहाड़ी द‌िखाई देती है जो बैठे हुए ऊंट की तरह द‌िखाई देती है।

#5 म्‍यूनिसिपल गार्डन एक खूबसूरत बगीचा है जो मसूरी की हैप्‍पी वैली में स्थित है।इस गार्डन में 800 अलग - अलग प्रकार के फूल भी होते हैं जो नर्सरी में लगे हुए हैं, इन फूलों को बेचने के उद्देश्‍य से लगाया गया है। एक विशाल चाइना पेड़ भी यहां स्थित है।



#6 यहां पर वैक्स म्यूज‌ियम भी है। ज‌िसमे गांधी जी, माइकल जेक्सन, अम‌िताभ बच्चन, म‌िस्टर बीन समेत अन्य कई बड़े कलाकारों के भी मोम के पुतले बने हैं। जो देखने में एक दम हुबहू लगते हैं। 








कब तक चङो गए शूली पे
 आओ कभी मसूरी में





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🚗यातायात और परिवहन🚍

मसूरी का निकटतम एयरपोर्ट देहरादून में है। देहरादून से लोकल बस, टैक्सी द्वारा मसूरी पहुँचा जा सकता है। मसूरी से निकटतम रेलवे स्टेशन 33 किलोमीटर दूरी पर देहरादून में है। मसूरी भारत के कई बड़े शहरों से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन, डीटीसी, सेमी लक्ज़री, लक्ज़री बसें मसूरी तक उपलब्ध हैं।


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🌄पर्यटन स्थल

पर्वतों की रानी, मसूरी शहर देहरादून के मुख्य पर्यटन स्थलों में से एक है। मसूरी में एक ओर जहाँ विशाल हिमालय की चमचमाती बफीली शृंखलाओं का सुंदर नज़ारा दिखता है, वहीं दूसरी ओर दून घाटी में बिखरी प्रकृति की अदभुत सुंदरता पर्यटकों को शांति प्रदान करती है। गन हिल, मसूरी झील और केम्पटी फ़ॉल मसूरी के यादगार पर्यटन स्थल हैं।






इन हसीन वादियों में एक सुकून सा छाया है,

जो इस दिल को जाने क्या खूब भाया है....



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🚉मसूरी के लिए एक सुखद यात्रा🚊




1. देहरादून में देखने लायक जगहों पर जाने के बाद हमारी अगली यात्रा मसूरी के लिए समुद्र तल से लगभग 6170 फीट की ऊंचाई पर स्थित थी। यह जिला मुख्यालय देहरादून के केंद्र से लगभग 35 किलोमीटर दूर है।

2. मसूरी उत्तर भारतीय राज्य उत्तराखंड के देहरादून जिले के अंतर्गत है। यह राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से लगभग 290 किलोमीटर दूर है। यही कारण है कि नई दिल्ली से पर्यटक पूरे साल इस हिल स्टेशन पर आते हैं। इसकी प्राकृतिक सुंदरता और आस-पास के शांत और शांत और आकर्षित पर्यटक इस जगह की यात्रा करने के लिए रोमांचित करते हैं। यह गर्मी के मौसम / छुट्टी में भीड़ है। वस्तुओं और सेवाओं की कीमत भी असामान्य रूप से बढ़ जाती है।

3. हम फिर निकल गय मसूरी के लिऐ। मेरे साथ मेरे दोस्त अमन और आमिर  थे हम देहरादून से मसूरी के लिए निकले । और जब हमरी बस मसूरी के पहाडो पे चडना शुरू किया तो वहा का नजारा कुच्छ अलग ही था।
जब भी हमारी बस मुड़ती  तो बस के कुच्छ सदस्य बस के एक तरफ़ झूक जाते और बस के खिड़की से बहार देखने पे सब चोके गए के बहार नाज़ारा  कुच्छ अलग था यानि बहोत ही खूबसूरत था 

4. पहाड़ो से नीचे घर देखते समय कुछ ऐसा नजारा था मानो जन्नत मिल गया हो मानो ऐसा नजारा था के मुंह से बयां नहीं कर सकते मसूरी के बस पर से जब हम बाहर की ओर देखते है तब हमें  उड़न खटोले दिखे जैसे की खुबशुरत चिड़िया और जब हम पहाड़ों की चढ़ाई कर रहे थे तो हमें ऐसा लग रहा था कि मानो हम निचे गिर जायेंगे और जब हमने पहाड़ों की चढ़ाई पूरी की तब हमे वहां एक गुरुद्वारा दिखा जो रात को देखने में कुछ ऐसा था कि आपको वहां  जाने में मजबूर कर देगा 


5. बच्चों के साथ जा रहे हैं तो यहां के कंपनी बाग जरूर जाइएगा। यहां बच्चों के मनोरंजन के बहुत से साधन हैं। कृत्रिम सांड की पीठ पर बैठकर बच्चे खूब खुश होते हैं। नाग देवता का मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है।

6. मसूरी से छह किलो मीटर की दूरी पर स्थित इस मंदिर में हमेशा पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है। यहां से दून वैली और मसूरी का नजारा देखना बेहद अच्छा लगता है। सुबह-शाम घूमने के लिए निकलने वालों के लिए कैमल बैक रोड पसंदीदा स्थान है। मसूरी आने वाले सैलानी यहां शाम के समय छिपता हुआ सूरज यानी 'सनसैट' देखने के लिए जरूरी आते हैं।

7. पहाड़ी लोगों में एक बात मुझे हमेशा महसूस होती है कि हालांकि वे दिल्ली जैसे बड़े शहरों के जीवन के बारे में जानने के इच्छुक हैं, लेकिन फिर भी वे अपनी व्यस्त जीवन शैली से संतुष्ट महसूस करते हैं। और जब हमने पुष्टि की कि हम अपने जीवन की तेज गति से असहज हो रहे हैं और शांतिपूर्ण क्षणों की तलाश में यहां आए तो वे हमेशा गर्व के साथ हमारा स्वागत करते हैं।




8. मॉल रोड मसूरी में सभी जगहों पर सबसे अधिक भीड़ वाला शहर है। अपने जूते का फीता और इस मिनी दुनिया का पता लगाने के लिए उद्यम करें जो हर किसी के लिए थोड़ा सा है। यह लाइब्रेरी से पिक्चर पैलेस तक पुरानी ब्रिटिश संरचनाओं के साथ 3 किलोमीटर लंबा स्ट्रेच है, पहाड़ियों, स्थानीय बाजारों, नक्काशी के साथ होटल, ऊँगली चाटने की सुविधा और प्रसिद्ध झूला घर है जहाँ एक विशाल विशाल पहिया, भोजनालयों और फोटो की दुकानें हैं जहाँ आप पारंपरिक कपड़े पहन सकते हैं और एक सुंदर तस्वीर क्लिक करवा सकते हैं।

पिछले साल मैं मसूरी में और उसके आसपास अपनी क्रिसमस की छुट्टी की योजना बनाई। हालाँकि मैं कभी नहीं गया था लेकिन मुझे यह महसूस हुआ कि मसूरी में इतनी भीड़ होने  । इसलिए, मैं आस-पास के भ्रमण के बारे में अधिक खोज करता हूं और मुझे धनोल्टी के बारे में पता चला इसके बारे में आपको आगे बताऊंगा



कास की तुम मसूरी की चमकती हुई रात होती,

फिर धनोल्टी की छत से रोज तुम्हारी ही बात होती.



मसूरी से 24 किलोमीटर दूर, धनोल्टीघाटियों और हिमालयी चोटियों का एक सांस लेने वाला दृश्य प्रदान करता है। लंबे समय तक जंगली ढलान, आलसी बाहर, शांत लाड़ हवा, गर्म और मेहमाननवाज निवासियों, सुंदर मौसम और बर्फ से ढंका पहाड़ों का शानदार दृश्य यह एक आराम से छुट्टी के लिए एक आदर्श वापसी है।



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# मसूरी_से_ धनोल्टी🚴🚲

बाइक की सवारी पर मसूरी जाने के लिए सफ़र सबसे बेहतरीन था 👌👌


हम बर्फ देखने के लिए जब हमने वहां के लोगो से पूछा तो उन्होंने बताया कि मसूरी से 60 किलो मीटर दूर है धनोल्टी जहाँ पर बर्फ देखने को मिलेगी और आप उस बर्फ में जितना जाहे उतना मजे कर सकते हो और फोटो भी खिंचवा सकते हो और जब हम धनोल्टी के लिए रवाना हुए तब हमने वहां एक किराये पे गाड़ी देने वाला दिखा तो हम किराए की गाड़ी से धनोल्टी जाने लगे तो रास्ते इतने मनोरंजक थे की हमें तो पता ही नही चला के हमरा 60 किलो मीटर का रास्ता कैसे कट गया 

 जब हम मसूरी से धनौल्टी जा रहे थे तब हमें उस समय ऐसा लग रहा था जैसे हम कोई साहसिक (एडवेंचर), बाइक सवारी कर रहे हो जो उस समय का नजारा था वो कुछ ऐसा था कि उस से खुबसूरत कुछ है ही नहीं और फिर हमने वहां के लोगो से धनोल्टी के बारे में कुछ नया जाना और वहां की सबसे खास चीज जैसे वहां का विशेष (स्पेशल).

धनोल्टी तेजी से उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक रत्न के रूप में उभर रहा है। यह 2,250 मीटर की ऊंचाई पर मसूरी - चंबा रोड पर है, जो उत्साही सप्ताहांत यात्रियों के लिए सुखद आश्चर्य के रूप में आता है, जो इसे शांतिपूर्ण, आराम से और शांतचित्त पाते हैं। यह पूरी तरह से एक अलग अनुभव है।

धनोल्टी भीड़, व्यस्त बाजार स्थानों और प्रदूषण से दूर है। देवदार, ओक्स और रोडोडेंड्रोन के घने कुंवारी जंगलों के बीच, यह एक आदर्श स्थान है जो मन और आत्मा की पूर्ण शांति सुनिश्चित करता है। हरी घास के मैदान, विशाल वृक्ष, हिमालय की चोटियों के लुभावने दृश्य, धनोल्टी को पर्यटकों के लिए एक आकर्षक स्थान बनाते हैं।




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पंछी, नदियां, पवन के झोंके ; 

घूम आये खुद को न रोके.



Writer  :-   Mohd Chand, Vikas Rana, Ruhani

Visiter :-   Mohd Chand , Aman , Aamir

Photographer  :-  Mohd Chand , Ruhani

Editor :-  Mohd Chand , Ruhani , Vikas Rana

Observer   :- Basant

Thank You Team For Support Blog...😍😍😘

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WASTE OF WONDER










JHAZ MAHAL

THANK YOU SO MUCH


Comments

really love this place and would like to visit there this month...)
VIKAS RANA said…
I am very excited to go here
Its amazing 😍
Unknown said…
Awesome post bhai 😊😊😊👌😇😇😍😍😘😘
Vikas said…
Lgta h Jana pdega bro yha🤗🤗🤗
All about India said…
besak aap akele kyu puri family ke sath jao
All about India said…
Thank You so Much Dude :)